शेरशाह सूरी का मकबरा बिहार के सासाराम में स्थित है। जिसका निर्माण 16 अगस्त 1545 में पूरा हुआ था।मकबरा सम्राट शेर शाह सूरी, बिहार के पठान की याद में बनाया गया था जिसने मुगल साम्राज्य को हराया और सूरी साम्राज्य की स्थापना की उत्तरी भारत में। रबी अल-अव्वल, ए.एच. ९५२ या १३ मई १५४५ ई. के १०वें दिन कालिंजर के किले में एक आकस्मिक बारूद विस्फोट में उनकी मृत्यु हो गई।
इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण शेर शाह सूरी का मकबरा सासाराम शहर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। इसे बोलचाल की भाषा में भारत का दूसरा ताजमहल भी कहा जाता है। करीब 52 एकड़ में फैले सरोवर के बीच में स्थित यह मकबरा 122 फीट ऊंचा है।
सासाराम में शेरशाह सूरी का मकबरा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। शेर शाह सूरी ने मुगल साम्राज्य को हराया था और उत्तर भारत में सूरी साम्राज्य की स्थापना की थी। यह मकबरा विश्व के ऐतिहासिक धरोहरों में से एक माना जाता है।Abhishek 42 kardile
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