हूवर बांध, जो कभी बौल्डर बांध के नाम से जाना जाता था, एक कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण-चाप बांध है, जो अमेरिकी राज्यों एरिज़ोना और नेवादा की सीमा के बीच स्थित कोलोराडो नदी के ब्लैक कैनियन पर है. जब 1936 में इसका निर्माण पूरा हुआ, तब यह पनबिजली ऊर्जा उत्पन्न करने वाला विश्व का सबसे बड़ा स्टेशन और विश्व की सबसे बड़ी संरचना थी. 1945 में ग्रांड कौली बांध, इन दोनों ही मामलों में इससे आगे निकल गया. यह आज की तारीख में विश्व का 38वां सबसे बड़ा पनबिजली उत्पादन केंद्र है.
लास वेगास, नेवादा के दक्षिणपूर्व में स्थित30 मील (48 कि॰मी॰) इस बांध का नाम हरबर्ट हूवर के नाम पर रखा गया है जिन्होंने पहले एक वाणिज्य ट्रू िव के रूप में और बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में इस बांध के निर्माण में एक सहायक भूमिका निभाई. इसका निर्माण 1931 में शुरू हुआ और 30 सितंबर 1935 को राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डी. रूजवेल्ट द्वारा इसे समर्पित कर दिया गया, लेकिन इसका निर्माण 1936 तक ही पूर्ण हो पाया जो अपने निर्धारित समय से दो वर्ष आगे चल रहा था. यह बांध और ऊर्जा संयंत्र अमेरिका के आंतरिक विभाग के ब्यूरो ऑफ़ ...आगे पढ़ें
हूवर बांध, जो कभी बौल्डर बांध के नाम से जाना जाता था, एक कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण-चाप बांध है, जो अमेरिकी राज्यों एरिज़ोना और नेवादा की सीमा के बीच स्थित कोलोराडो नदी के ब्लैक कैनियन पर है. जब 1936 में इसका निर्माण पूरा हुआ, तब यह पनबिजली ऊर्जा उत्पन्न करने वाला विश्व का सबसे बड़ा स्टेशन और विश्व की सबसे बड़ी संरचना थी. 1945 में ग्रांड कौली बांध, इन दोनों ही मामलों में इससे आगे निकल गया. यह आज की तारीख में विश्व का 38वां सबसे बड़ा पनबिजली उत्पादन केंद्र है.
लास वेगास, नेवादा के दक्षिणपूर्व में स्थित30 मील (48 कि॰मी॰) इस बांध का नाम हरबर्ट हूवर के नाम पर रखा गया है जिन्होंने पहले एक वाणिज्य ट्रू िव के रूप में और बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में इस बांध के निर्माण में एक सहायक भूमिका निभाई. इसका निर्माण 1931 में शुरू हुआ और 30 सितंबर 1935 को राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डी. रूजवेल्ट द्वारा इसे समर्पित कर दिया गया, लेकिन इसका निर्माण 1936 तक ही पूर्ण हो पाया जो अपने निर्धारित समय से दो वर्ष आगे चल रहा था. यह बांध और ऊर्जा संयंत्र अमेरिका के आंतरिक विभाग के ब्यूरो ऑफ़ रिक्लमेशन द्वारा संचालित होता हैं. 1981 में ऐतिहासिक स्थानों के राष्ट्रीय रजिस्टर में सूचीबद्ध होने के बाद, हूवर बांध को 1985 में एक नैशनल हिस्टोरिक लैंडमार्क नामित किया गया.
लेक मिएड बांध द्वारा निर्मित एक जलाशय है, जिसका नाम बांध के निर्माण निरीक्षक एडवुड मिएड के नाम पर रखा गया है.
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