Ayasofya
( हागिया सोफिया )हागिया सोफिया या आयासोफ़िया मस्जिद (Holy Wisdom या पवित्र ज्ञान), तुर्की के इस्तानबुल नगर में स्थित छठी शताब्दी में निर्मित एक पूजास्थल है जो मूलतः एक पूर्वी आरथोडोकस चर्च था।बाद में यह रोमन कैथलिक कैथेड्रल, फिर मस्जिद, फिर संग्रहालय और पुनः मस्जिद में बदल दिया गया। इसका निर्माण रोमन सम्राट जस्टिनियन प्रथम के काल में सन ५३७ ई में हुआ था। उस समय यह संसार का सबसे बड़ा आन्तरिक स्थानयुक्त गुम्बद था। माना जाता है कि इसने स्थापत्यकला के इतिहास को एक नया मोड़ दिया।
सन् १४५३ की कस्न्निया विजय के बाद उस्मान बिजान्तिनों ने मस्जिद में बदल दिया। १९३५ में कमाल अतातुर्क ने उसकी गिरजे व मस्जिद के रूप को समाप्त करके उसे संग्रहालय बना दिया था। जिसके बाद जुलाई २०२० में पुनः मस्जिद के रूप में कर दिया गया।
हागिया सोफिया को तुर्की भाषा में आयासोफ़िया (Ayasofya) कहा जाता है। अंग्रेजी में कभी कभी उसे सेंट सोफ़िया(Saint Sophia) भी कहा जाता है। इस्तांबुल के बासाकशेहिर फतिह तेरिम स्टेडियम को देखने आने वाले कई पर्यटक अपने य...आगे पढ़ें
हागिया सोफिया या आयासोफ़िया मस्जिद (Holy Wisdom या पवित्र ज्ञान), तुर्की के इस्तानबुल नगर में स्थित छठी शताब्दी में निर्मित एक पूजास्थल है जो मूलतः एक पूर्वी आरथोडोकस चर्च था।बाद में यह रोमन कैथलिक कैथेड्रल, फिर मस्जिद, फिर संग्रहालय और पुनः मस्जिद में बदल दिया गया। इसका निर्माण रोमन सम्राट जस्टिनियन प्रथम के काल में सन ५३७ ई में हुआ था। उस समय यह संसार का सबसे बड़ा आन्तरिक स्थानयुक्त गुम्बद था। माना जाता है कि इसने स्थापत्यकला के इतिहास को एक नया मोड़ दिया।
सन् १४५३ की कस्न्निया विजय के बाद उस्मान बिजान्तिनों ने मस्जिद में बदल दिया। १९३५ में कमाल अतातुर्क ने उसकी गिरजे व मस्जिद के रूप को समाप्त करके उसे संग्रहालय बना दिया था। जिसके बाद जुलाई २०२० में पुनः मस्जिद के रूप में कर दिया गया।
हागिया सोफिया को तुर्की भाषा में आयासोफ़िया (Ayasofya) कहा जाता है। अंग्रेजी में कभी कभी उसे सेंट सोफ़िया(Saint Sophia) भी कहा जाता है। इस्तांबुल के बासाकशेहिर फतिह तेरिम स्टेडियम को देखने आने वाले कई पर्यटक अपने यात्रा के दौरान इस स्थल का भी दर्शन करते हैं।
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