成吉思汗陵
( चंगेज़ ख़ान का मक़बरा )चंगेज़ ख़ान का मक़बरा एक मक़बरा है जो चंगेज़ ख़ान को समर्पित है। यहाँ उसे पूर्वज, राजवंशीय संस्थापक और देवता के रूप में पूजा जाता है। मक़बरे में कभी भी चंगेज़ का शरीर नहीं रखा गया है। यह चंगेज़ ख़ान की पूजा का मुख्य केंद्र है। यह भीतरी मंगोलिया, चीन में स्थित है। इसको मंगोलिया में भी रहने वाले मंगोल लोग आस्था का केन्द्र मानते हैं।
वर्तमान संरचना 1954 और 1956 के बीच जनवादी गणतंत्र चीन की सरकार द्वारा पारंपरिक मंगोल शैली में बनाई गई थी। सांस्कृतिक क्रांति के दौरान इसे अपवित्र कर दिया गया था और इसके अवशेषों को नष्ट कर दिया गया था। लेकिन 1980 के दशक में इसे प्रतिकृतियों के साथ बहाल कर दिया गया और यह चंगेज़ ख़ान की पूजा का केंद्र बना हुआ है। इसे 2011 में चीन के राष्ट्रीय पर्यटन प्रशासन द्वारा सबसे महत्वपूर्ण पर्यटक आकर्षण में से एक माना गया है।
12 जुलाई 1227 ई. को गांसू या उसके आस-पास चंगेज़ ख़ान की मृत्यु के बाद उनके अवशेषों को कथित तौर पर मध्य मंगोलिया में वापस ले जाया गया। उनके व्यक्तिगत निर्देशों के अनुसार उन्हें गुप्त रूप से और बिना किसी निशान के दफना दिया गया।...आगे पढ़ें
चंगेज़ ख़ान का मक़बरा एक मक़बरा है जो चंगेज़ ख़ान को समर्पित है। यहाँ उसे पूर्वज, राजवंशीय संस्थापक और देवता के रूप में पूजा जाता है। मक़बरे में कभी भी चंगेज़ का शरीर नहीं रखा गया है। यह चंगेज़ ख़ान की पूजा का मुख्य केंद्र है। यह भीतरी मंगोलिया, चीन में स्थित है। इसको मंगोलिया में भी रहने वाले मंगोल लोग आस्था का केन्द्र मानते हैं।
वर्तमान संरचना 1954 और 1956 के बीच जनवादी गणतंत्र चीन की सरकार द्वारा पारंपरिक मंगोल शैली में बनाई गई थी। सांस्कृतिक क्रांति के दौरान इसे अपवित्र कर दिया गया था और इसके अवशेषों को नष्ट कर दिया गया था। लेकिन 1980 के दशक में इसे प्रतिकृतियों के साथ बहाल कर दिया गया और यह चंगेज़ ख़ान की पूजा का केंद्र बना हुआ है। इसे 2011 में चीन के राष्ट्रीय पर्यटन प्रशासन द्वारा सबसे महत्वपूर्ण पर्यटक आकर्षण में से एक माना गया है।
12 जुलाई 1227 ई. को गांसू या उसके आस-पास चंगेज़ ख़ान की मृत्यु के बाद उनके अवशेषों को कथित तौर पर मध्य मंगोलिया में वापस ले जाया गया। उनके व्यक्तिगत निर्देशों के अनुसार उन्हें गुप्त रूप से और बिना किसी निशान के दफना दिया गया। उनका वास्तविक दफन स्थल अज्ञात है। चंगेज़ ख़ान की पूजा मंगोलियाई ओझा धर्म में एक प्रथा है। भीतरी मंगोलिया और उत्तरी चीन में इस पंथ को समर्पित अन्य मकबरे भी हैं।
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