समानता की प्रतिमा या डॉ॰ बाबासाहेब आम्बेडकर स्मारक भारत के प्रथम कानून मंत्री तथा भारतीय संविधान के पिता डॉ॰ भीमराव आम्बेडकर को समर्पित एक प्रस्तावित स्मारक है, जो भारतीय राज्य महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित है। यह स्मारक मुंबई के दादर में इंदू मिल की साडे 12 एकड भूमि पर बन रहा हैंबनेगा। स्मारक में आम्बेडकर की 137.3 मीटर (450 फीट) ऊँची कांस्य की विशालकाय मूर्ति स्थापित की जायेगी, जो विश्व की तिसरी सबसे ऊँची मूर्ति होगी। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2015 को स्मारक के निर्माण का शिलान्यास किया। यह स्मारक आंबेडकर के समाधि स्थली चैत्य भूमि के करीब है। वर्तमान में विश्व की पहली और दूसरी सबसे ऊँची मूर्तियां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 182 मीटर (597 फीट) और स्प्रिंग टैम्पल बुद्ध 153 मीटर (502 फीट) हैं। स्मारक को स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी (समानता की प्रतिमा) कहां जाता हैं। आम्बेडकर ने भारतीय लोगों में समानता प्रस्थापित करने के लिए आजीवन संघर्ष किया, इसलिए उनको समानता का प्रतीक (सिम्बॉल ऑफ इक्वेलिटी) माना जाता है।
नई टिप्पणी जोड़ें